EPFO New Rules Update: प्राइवेट कर्मचारियों की पेंशन में राहत, EPFO का बड़ा फैसला
EPFO New Rules Update
कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद पेंशन एक बहुत अहम सहारा होती है। Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) अपने सदस्यों को न सिर्फ भविष्य के लिए बचत का विकल्प देता है, बल्कि सेवा समाप्त होने के बाद नियमित आय की सुविधा भी उपलब्ध कराता है। EPFO की पेंशन योजना खासतौर पर निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
यदि कोई कर्मचारी EPF के अंतर्गत लगातार 10 वर्षों तक सेवा पूरी करता है, तो वह पेंशन का हकदार बन जाता है। यह पेंशन योजना वर्ष 1995 में लागू की गई थी, जिससे रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिरता बनी रहे। पेंशन की गणना कर्मचारी के औसत वेतन और कुल सेवा अवधि के आधार पर होती है, इसलिए अधिक समय तक नौकरी करने वाले कर्मचारियों को बेहतर पेंशन मिलती है।
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| EPFO Pension Rules 2026 |
EPFO पेंशन के लिए पात्रता नियम
EPFO पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 साल की नौकरी पूरी करना जरूरी है। यदि कोई कर्मचारी 58 वर्ष की उम्र तक कार्यरत रहता है और EPF खाते में नियमित योगदान करता है, तो वह मासिक पेंशन पाने का पात्र बनता है।
वहीं, जो कर्मचारी 50 वर्ष की आयु के बाद नौकरी छोड़ देते हैं, वे Reduced Pension का विकल्प चुन सकते हैं। इस स्थिति में पेंशन 58 वर्ष से पहले शुरू हो जाती है, लेकिन राशि कुछ कम होती है। यदि किसी कर्मचारी की सेवा अवधि 10 साल से कम रहती है, तो उसे पेंशन का लाभ नहीं मिलता और वह अपने EPF खाते की जमा राशि निकाल सकता है।
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EPFO पेंशन की गणना एक तय फॉर्मूले के आधार पर की जाती है:(पेंशन योग्य वेतन × कुल सेवा वर्ष) ÷ 70
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी का औसत वेतन ₹20,000 है और उसने 20 वर्षों तक सेवा दी है, तो उसकी अनुमानित मासिक पेंशन करीब ₹5,714 बनती है। ज्यादा वेतन और लंबी सेवा अवधि का सीधा असर पेंशन राशि पर पड़ता है।
EPS-95 योजना के तहत पेंशन योग्य अधिकतम वेतन ₹15,000 माना जाता है। हालांकि, अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी Joint Option के जरिए अपने वास्तविक वेतन के आधार पर पेंशन का लाभ भी ले सकते हैं।
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हाल ही में EPFO ने पेंशन से जुड़े कई अहम सुधार लागू किए हैं। Supreme Court के निर्देश के बाद अब उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारी अपने वास्तविक वेतन के अनुसार पेंशन का दावा कर सकते हैं, बशर्ते आवेदन तय समय सीमा में किया गया हो।
इसके साथ ही EPFO ने पेंशन क्लेम की डिजिटल प्रक्रिया को भी आसान बनाया है, जिससे कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह बदलाव निजी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है और भविष्य में पेंशन राशि बढ़ने की संभावना भी बनती है।
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Q1. EPFO पेंशन के लिए न्यूनतम सेवा अवधि कितनी है?
कम से कम 10 वर्षों की सेवा पूरी करना जरूरी है।
Q2. EPFO पेंशन किस उम्र में मिलती है?
सामान्य रूप से 58 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन शुरू होती है।
Q3. Reduced Pension क्या होती है?
50 वर्ष के बाद नौकरी छोड़ने पर कम राशि वाली पेंशन लेने का विकल्प Reduced Pension कहलाता है।
Q4. EPFO पेंशन की गणना कैसे होती है?
पेंशन योग्य वेतन और कुल सेवा वर्षों के आधार पर तय फॉर्मूले से गणना की जाती है।
Q5. क्या ज्यादा वेतन पर पेंशन मिल सकती है?
Joint Option के तहत कर्मचारी अपने वास्तविक वेतन के आधार पर पेंशन का दावा कर सकते हैं।
