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| ITEP Courseलाव |
शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए साल 2026 कई अहम बदलाव लेकर आने वाला है। भारत सरकार और NCTE (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) ने शिक्षक शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नए नियमों की घोषणा की है। इन बदलावों का असर B.Ed, D.El.Ed और अन्य टीचर ट्रेनिंग कोर्स पर साफ तौर पर देखने को मिलेगा।
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अब सरकार का जोर सिर्फ डिग्री देने पर नहीं, बल्कि बेहतर ट्रेनिंग, आधुनिक शिक्षण कौशल और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर रहेगा। इसका सीधा फायदा स्कूलों और छात्रों दोनों को मिलेगा।
B.Ed D.El.Ed New Rule 2026 क्या है?
NCTE ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शिक्षक शिक्षा से जुड़े नियमों में बड़ा संशोधन करने का फैसला किया है। अब तक ग्रेजुएशन के बाद दो साल का B.Ed जरूरी माना जाता था, लेकिन नए नियमों के तहत पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों के लिए 1 साल का B.Ed कोर्स शुरू किया जाएगा।
वहीं, जो छात्र 12वीं के बाद शिक्षक बनना चाहते हैं, उनके लिए चार साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) को मुख्य विकल्प बनाया गया है। धीरे-धीरे D.El.Ed और B.El.Ed जैसे कोर्स भी इसी इंटीग्रेटेड सिस्टम में शामिल किए जाएंगे।
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प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों की ट्रेनिंग को अलग-अलग स्तर पर मजबूत किया जाएगा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए B.Ed मान्य नहीं होगा
प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए D.El.Ed या ITEP अनिवार्य होगा
सिलेबस में डिजिटल एजुकेशन, टेक्नोलॉजी, बाल मनोविज्ञान और नई पेडागॉजी जोड़ी जाएगी
केवल वही कॉलेज मान्यता पाएंगे जो NCTE के तय मानकों और इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरा करेंगे
B.Ed D.El.Ed New Rule 2026 से क्या फायदा होगा?
इन नए नियमों से शिक्षक बनने की प्रक्रिया ज्यादा प्रोफेशनल और पारदर्शी बनेगी। छात्रों को कम समय में बेहतर और व्यावहारिक ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे डिग्री की वैल्यू बढ़ेगी।
स्कूलों को ऐसे शिक्षक मिलेंगे जो सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि आधुनिक पढ़ाने की तकनीक में भी माहिर होंगे। साथ ही, फर्जी कॉलेजों और कमजोर ट्रेनिंग सिस्टम पर रोक लगेगी।
यह भी पढ़े:-Bijli Bill Mafi Yojana 2026: बिजली बिल माफी योजना, पात्रता व आवेदन प्रक्रियाB.Ed D.El.Ed New Rule 2026 के लिए पात्रता
- 1 साल के B.Ed के लिए संबंधित विषय में मास्टर डिग्री जरूरी
- 4 साल का ग्रेजुएशन पूरा करने वाले छात्र भी पात्र हो सकते हैं
- ITEP में प्रवेश के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य
- एडमिशन प्रक्रिया राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से हो सकती है
B.Ed D.El.Ed New Rule 2026 के लिए जरूरी दस्तावेज
- सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र और मार्कशीट
- आधार कार्ड या कोई अन्य वैध पहचान पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर
- प्रवेश परीक्षा का एडमिट कार्ड या स्कोर कार्ड
B.Ed D.El.Ed New Rule 2026 की खास विशेषताएं
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि शिक्षक बनने की पूरी प्रक्रिया अब एक स्पष्ट और संगठित ढांचे में होगी। ITEP के जरिए छात्र कम उम्र में ही प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू कर सकेंगे।
कोर्स में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, स्कूल इंटर्नशिप और टेक्नोलॉजी-आधारित लर्निंग को खास महत्व दिया गया है, जिससे भारत की शिक्षक शिक्षा व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर के करीब पहुंचेगी।
B.Ed D.El.Ed New Rule 2026 का उद्देश्य
सरकार और NCTE का मुख्य लक्ष्य स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। नई शिक्षा नीति के अनुसार, मजबूत शिक्षा प्रणाली की नींव अच्छे शिक्षकों पर टिकी होती है।
इसी सोच के साथ ये बदलाव किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में छात्रों को योग्य, प्रशिक्षित और आधुनिक सोच वाले शिक्षक मिल सकें। छात्रों को सलाह दी जाती है कि किसी भी कोर्स में एडमिशन लेने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर जांचें।
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Q1. क्या 2026 के बाद 2 साल का B.Ed खत्म हो जाएगा?
नहीं, लेकिन पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए 1 साल का B.Ed विकल्प दिया जाएगा।
Q2. कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए कौन सा कोर्स जरूरी होगा?
इसके लिए D.El.Ed या ITEP अनिवार्य होगा, B.Ed मान्य नहीं रहेगा।
Q3. ITEP कोर्स कितने साल का होगा?
ITEP एक 4 साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम है।
Q4. क्या नए नियम सभी राज्यों में लागू होंगे?
हां, NCTE के निर्देशों के अनुसार ये नियम पूरे देश में लागू किए जाएंगे।
Q5. एडमिशन से पहले क्या ध्यान रखें?
हमेशा NCTE और संबंधित राज्य की आधिकारिक अधिसूचना जरूर जांचें।
