26 फरवरी 2026 से नए UPI नियम लागू – बैलेंस लिमिट, ऑटो पे और UPI ID अपडेट

 26 फरवरी से लागू हुए नए UPI नियम – ऑनलाइन पेमेंट करने वालों के लिए जरूरी अपडेट

भारत में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहा है और आज अधिकतर लोग रोजमर्रा के भुगतान के लिए UPI का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में 26 फरवरी 2026 से लागू किए गए नए नियम हर यूजर के लिए जानना जरूरी हो गया है। इन बदलावों को National Payments Corporation of India (NPCI) ने लागू किया है, ताकि पेमेंट सिस्टम ज्यादा सुरक्षित, तेज और स्थिर बन सके।

नए अपडेट में बैलेंस चेक की सीमा, API रिस्पॉन्स टाइम, ऑटो पेमेंट प्रोसेसिंग और निष्क्रिय UPI ID से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। इनका मकसद सर्वर पर अनावश्यक दबाव कम करना और ट्रांजैक्शन फेल होने की समस्या को घटाना है।

UPI Rules 2026
UPI Balance Limit


बैलेंस चेक और अकाउंट एक्सेस की नई सीमा

अब कोई भी यूजर एक UPI ऐप से दिन में अधिकतम 50 बार ही बैलेंस देख सकेगा। पहले इस पर कोई तय सीमा नहीं थी। यदि आपके मोबाइल में दो अलग-अलग UPI ऐप इंस्टॉल हैं, तो दोनों पर 50-50 बार की अलग सीमा लागू रहेगी।

इसके अलावा लिंक्ड बैंक अकाउंट देखने के लिए List Account API की सीमा 25 बार तय की गई है। इससे बार-बार रिक्वेस्ट भेजने से होने वाला सर्वर लोड कम होगा। जो लोग दिन में कई बार बैलेंस या अकाउंट डिटेल चेक करते हैं, उन्हें अब अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव करना होगा।

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ऑटो पेमेंट (AutoPay) से जुड़े नए नियम

आजकल सब्सक्रिप्शन, EMI और बिल भुगतान के लिए UPI AutoPay का उपयोग काफी बढ़ गया है। नए नियमों के अनुसार ऑटो पेमेंट ट्रांजैक्शन अब केवल नॉन-पीक समय में प्रोसेस किए जाएंगे। इससे व्यस्त घंटों में सिस्टम पर दबाव कम रहेगा और सामान्य पेमेंट तेज़ी से पूरी होंगी।

साथ ही किसी एक ऑटो पेमेंट रिक्वेस्ट पर अधिकतम चार प्रयास ही किए जाएंगे। यदि चार बार में भुगतान सफल नहीं होता है, तो रिक्वेस्ट स्वतः असफल मानी जाएगी। इससे बार-बार फेल होने वाले ट्रांजैक्शन कम होंगे और बैंक सर्वर पर अतिरिक्त लोड नहीं पड़ेगा।

12 महीने से निष्क्रिय UPI ID होगी बंद

यदि किसी यूजर की UPI ID लगातार 12 महीने तक उपयोग में नहीं आती है, तो उसे स्वतः डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा। यह कदम सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया है। लंबे समय तक इस्तेमाल न होने वाली ID फ्रॉड का खतरा बढ़ा सकती है।

मोबाइल नंबर दोबारा किसी अन्य व्यक्ति को जारी होने की स्थिति में भी यह नियम मददगार रहेगा। इससे गलत खाते में पैसे भेजने की आशंका कम होगी। बेहतर होगा कि आप अपनी पुरानी UPI ID को समय-समय पर जांच लें।

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API रिस्पॉन्स टाइम में सुधार

नई गाइडलाइन के अनुसार जरूरी API का अधिकतम रिस्पॉन्स टाइम 10 सेकंड तय किया गया है। पहले कई बार यूजर्स को 30 सेकंड तक इंतजार करना पड़ता था। कम रिस्पॉन्स टाइम से पेमेंट अनुभव बेहतर होगा और ट्रांजैक्शन जल्दी पूरे होंगे।

त्योहारों, ऑनलाइन सेल और ज्यादा ट्रैफिक के दौरान यह बदलाव काफी उपयोगी रहेगा। अब बड़े पैमाने पर होने वाले लेनदेन के दौरान फेल या पेंडिंग ट्रांजैक्शन की समस्या कम होने की उम्मीद है।

इन बदलावों का असर क्या होगा?

  1. ट्रांजैक्शन फेल होने की समस्या में कमी
  2. सर्वर ओवरलोड की स्थिति कम
  3. पेमेंट प्रक्रिया अधिक स्थिर
  4. यूजर डेटा की बेहतर सुरक्षा
  5. डिजिटल भुगतान पर बढ़ता भरोसा

हालांकि कुछ यूजर्स को बैलेंस लिमिट के कारण शुरुआत में असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में ये बदलाव पूरे सिस्टम को मजबूत बनाएंगे।

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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. क्या अब UPI से बैलेंस अनलिमिटेड बार चेक नहीं कर सकते?

नहीं, अब एक UPI ऐप से दिन में अधिकतम 50 बार ही बैलेंस देखा जा सकता है।

Q2. क्या दो UPI ऐप होने पर लिमिट अलग-अलग लागू होगी?

हाँ, हर ऐप पर 50 बार की अलग सीमा लागू रहेगी।

Q3. ऑटो पेमेंट कितनी बार प्रयास करेगा?

किसी एक रिक्वेस्ट पर अधिकतम चार प्रयास किए जाएंगे।

Q4. कितने समय तक उपयोग न करने पर UPI ID बंद होगी?

यदि 12 महीने तक उपयोग नहीं किया गया तो UPI ID स्वतः निष्क्रिय हो सकती है।

Q5. API रिस्पॉन्स टाइम कितना तय किया गया है?

नई गाइडलाइन के अनुसार अधिकतम 10 सेकंड में प्रतिक्रिया दी जाएगी।

Disclaimer:

यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने बैंक या आधिकारिक प्लेटफॉर्म से जानकारी अवश्य सत्यापित करें।

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